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Workbook Preview (12 Pages)

Ages 6–9 · compact ruling
Penciling.inOpen Handwriting Curriculum
BOOK 2 OF 3 · 12 PAGES
प्राथमिक सुंदर सुलेख · Book 2 of 3Ages 6–9 · Class 2 · Class 3 · Class 4Four-Line Guided Rulings

प्राथमिक सुंदर सुलेख: कबीर के अमर दोहे एवं रहीम नीति वचन

पुस्तक २: कबीर दोहे व रहीम नीति

प्राचीन भारतीय संत साहित्य, जीवन मूल्य, मधुर वाणी एवं सदाचार सुलेख साधना।

मुख्य अभ्यास वर्णमाला (Practice Focus)
कबीर
वाणी
रहीम
विद्यार्थी विवरण (Student Workbook Passport)Classroom & Homeschool Ready
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Class / Grade:
Academic Year:
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दोहा सुलेख संरेखण: विराम चिन्ह व यति अभ्यास (Poetic Punctuation)

दोहे के दोनों चरणों, अल्पविराम (,) तथा दोहरे पूर्णविराम (॥) का संरेखण अभ्यास करें।

संत सुलेख
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१. छंद शिरोरेखा प्रवाह (Chhand Flow Lines)२. दोहरा पूर्णविराम (Double Purna Viram ||)३. अल्पविराम यति अभ्यास (Comma Pauses)४. मात्रा संरेखण (Matra Consistency)५. अक्षर अनुपात (Letter Proportion Balance)
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कबीर दोहा १: मीठी वाणी का प्रभाव (Sweet Speech)

ऐसी वाणी बोलिए जिससे मन को शांति मिले और दूसरों को भी सुख पहुंचे।

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Modelऐसी बानी बोलिए,Traceऐसी बानी बोलिए,WriteModelमन का आपा खोय।Traceमन का आपा खोय।WriteModelऔरन को सीतल करै,Traceऔरन को सीतल करै,WriteModelआपहु सीतल होय॥Traceआपहु सीतल होय॥Write
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कबीर दोहा २: समय का अनमोल महत्व (Value of Time)

कल का काम आज और आज का काम अभी करें, क्योंकि समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता।

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Modelकाल करे सो आज कर,Traceकाल करे सो आज कर,WriteModelआज करे सो अब।Traceआज करे सो अब।WriteModelपल में परलय होएगी,Traceपल में परलय होएगी,WriteModelबहुरि करेगा कब॥Traceबहुरि करेगा कब॥Write
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कबीर दोहा ३: गुरु महिमा का बखान (Glory of the Guru)

गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा है क्योंकि उन्होंने ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग दिखाया।

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Modelगुरु गोविंद दोऊ खड़े,Traceगुरु गोविंद दोऊ खड़े,WriteModelकाके लागूं पाय।Traceकाके लागूं पाय।WriteModelबलिहारी गुरु आपने,Traceबलिहारी गुरु आपने,WriteModelगोविंद दियो बताय॥Traceगोविंद दियो बताय॥Write
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कबीर दोहा ४: सज्जन संगति व गुण ग्राहकता (Virtue Seeking)

सूप के समान सारतत्व ग्रहण करें और निरर्थक बातों को छोड़ दें।

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Modelसाधु ऐसा चाहिए,Traceसाधु ऐसा चाहिए,WriteModelजैसा सूप सुभाय।Traceजैसा सूप सुभाय।WriteModelसार-सार को गहि रहै,Traceसार-सार को गहि रहै,WriteModelथोथा देई उड़ाय॥Traceथोथा देई उड़ाय॥Write
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रहीम नीति वचन १: प्रेम का धागा (The Thread of Love)

प्रेम रूपी धागे को झटके से न तोड़ें, क्योंकि टूटने पर गांठ पड़ जाती है।

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Modelरहिमन धागा प्रेम का,Traceरहिमन धागा प्रेम का,WriteModelमत तोड़ो चटकाय।Traceमत तोड़ो चटकाय।WriteModelटूटे पे फिर ना जुड़े,Traceटूटे पे फिर ना जुड़े,WriteModelजुड़े गांठ परि जाय॥Traceजुड़े गांठ परि जाय॥Write
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रहीम नीति वचन २: वृक्ष व सरोवर का परोपकार (Selfless Service)

जैसे पेड़ फल और सरोवर पानी नहीं पीते, वैसे ही सज्जन दूसरों की भलाई करते हैं।

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Modelतरुवर फल नहिं खात है,Traceतरुवर फल नहिं खात है,WriteModelसरवर पियहि न पान।Traceसरवर पियहि न पान।WriteModelकहि रहीम पर काज हित,Traceकहि रहीम पर काज हित,WriteModelसंपति सचहि सुजान॥Traceसंपति सचहि सुजान॥Write
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रहीम नीति वचन ३: छोटे-बड़े सभी का आदर (Respecting All)

बड़े को देखकर छोटे की उपेक्षा न करें, क्योंकि जहां सुई काम आती है वहां तलवार व्यर्थ है।

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Modelरहिमन देखि बड़ेन को,Traceरहिमन देखि बड़ेन को,WriteModelलघु न दीजिए डारि।Traceलघु न दीजिए डारि।WriteModelजहां काम आवै सुई,Traceजहां काम आवै सुई,WriteModelकहा करै तरवारि॥Traceकहा करै तरवारि॥Write
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कबीर दोहा ५: अहंकार त्याग व विनम्रता (Humility)

खजूर के पेड़ जैसा बड़ा होना व्यर्थ है जो न तो छाया देता है और फल भी दूर लगता है।

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Modelबड़ा हुआ तो क्या हुआ,Traceबड़ा हुआ तो क्या हुआ,WriteModelजैसे पेड़ खजूर।Traceजैसे पेड़ खजूर।WriteModelपंथी को छाया नहीं,Traceपंथी को छाया नहीं,WriteModelफल लागे अति दूर॥Traceफल लागे अति दूर॥Write
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अमर सुभाषित: तैत्तिरीय उपनिषद् सूत्र (Sacred Subhashita)

भारतीय संस्कृति के पावन सूत्रों का निष्ठापूर्वक सुलेख करें।

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Modelमातृ देवो भव,Traceमातृ देवो भव,WriteModelपितृ देवो भव।Traceपितृ देवो भव।WriteModelआचार्य देवो भव,Traceआचार्य देवो भव,WriteModelअतिथि देवो भव॥Traceअतिथि देवो भव॥Write
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कबीर-रहीम नीति सुलेख रत्न!

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Student Name

कबीर के दोहों एवं रहीम के नीति वचनों की पावन सुलेख यात्रा को पूर्ण करने पर।

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Teacher / Parent Signature